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E20 पेट्रोल को लेकर भ्रामक आरोप पड़े भारी, 4 इंफ्लुएंसर्स पर कानूनी कार्रवाई

nidhi
15 July 2026 8:34 AM IST
E20 पेट्रोल को लेकर भ्रामक आरोप पड़े भारी, 4 इंफ्लुएंसर्स पर कानूनी कार्रवाई
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E20 पेट्रोल विवाद में बड़ा एक्शन

Nagpur: सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ कथित तौर पर भ्रामक और अपमानजनक आरोप लगाने वाले चार सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन इंफ्लुएंसर्स ने E20 ईंधन से जुड़े दावों को तथ्यों के विपरीत तरीके से पेश करते हुए गडकरी पर व्यक्तिगत और नीतिगत आरोप लगाए, जिससे जनता में भ्रम फैलने की आशंका पैदा हुई।

क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर विभिन्न दावे किए गए। कुछ वीडियो में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने के पीछे निजी हितों को प्राथमिकता दी है।
इन वीडियो के वायरल होने के बाद संबंधित पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने चार सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार का उद्देश्य एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण में कमी लाना और किसानों को एथेनॉल उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय का अवसर उपलब्ध कराना है।
सरकार चरणबद्ध तरीके से देशभर में E20 ईंधन उपलब्ध करा रही है और वाहन निर्माताओं ने भी E20-अनुकूल इंजन विकसित करने की दिशा में काम किया है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की गई। प्रथम दृष्टया मामला मानहानि, भ्रामक सूचना फैलाने और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों से जुड़ा पाया गया, जिसके बाद चार इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
अधिकारियों ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी को लेकर बढ़ी सख्ती
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं को लेकर सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां अधिक सतर्क हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक नीतियों और सरकारी योजनाओं पर आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन बिना साक्ष्य गंभीर आरोप लगाना कानूनी विवाद का कारण बन सकता है।
E20 को लेकर सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि E20 ईंधन नीति का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाना है। नीति को लागू करने से पहले वाहन कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और संबंधित विशेषज्ञों के साथ व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया गया था।
सरकार लगातार यह भी स्पष्ट करती रही है कि केवल E20-अनुकूल वाहनों में ही इस ईंधन का उपयोग करने की सलाह दी जाती है, जबकि पुराने वाहनों के लिए निर्माता कंपनी के दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

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